सम्मान की अनूठी परंपरा: राजस्थान जिला स्तरीय अंबेडकर पुरस्कार 2026 की 5 बड़ी और रोचक बातें
डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन दर्शन 'समतामूलक समाज' की स्थापना पर आधारित था। उनके इसी विजन को जीवंत रखने के लिए राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष 2026 के लिए जिला स्तरीय अंबेडकर पुरस्कारों की घोषणा की है (विज्ञप्ति क्रमांक: एफ.1(8) (01525))। 14 अप्रैल 2026 को बाबा साहेब की जयंती के पावन अवसर पर दिए जाने वाले ये पुरस्कार न केवल सेवा को मान्यता देते हैं, बल्कि सामाजिक जवाबदेही के नए मानक भी स्थापित करते हैं।
एक नीति विश्लेषक के रूप में, जब हम इन पुरस्कारों की पात्रता और शर्तों का सूक्ष्म अध्ययन करते हैं, तो हमें सरकारी तंत्र की एक गहरी दूरदृष्टि दिखाई देती है। आखिर ये पुरस्कार अन्य नागरिक सम्मानों से इतने अलग और कठोर क्यों हैं? आइए, इसकी 5 बड़ी और रोचक बातों का विश्लेषण करते हैं।
1. नकद राशि नहीं, केवल सम्मान का महत्व
आज के भौतिकवादी युग में जहाँ पुरस्कारों को अक्सर वित्तीय प्रोत्साहन से जोड़कर देखा जाता है, राजस्थान सरकार ने यहाँ एक 'नैतिक अधिष्ठान' (Ethical Foundation) स्थापित किया है। इस पुरस्कार की सबसे विशिष्ट बात यह है कि इसमें कोई नकद राशि शामिल नहीं है।
यह नीति स्पष्ट करती है कि हाशिए पर खड़े समाज (SC/ST) की सेवा का मूल्य मौद्रिक नहीं हो सकता। यह पुरस्कार भौतिक लाभ के बजाय 'निस्वार्थ सेवा' और 'प्रशस्ति पत्र' के नैतिक मूल्य पर केंद्रित है, जो समाजसेवियों के लिए एक सर्वोच्च सम्मान है।
"इस पुरस्कार में केवल प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा, नकद राशि नहीं दी जायेगी।"
2. चरित्र और प्रतिष्ठा की कड़ी कसौटी
इन पुरस्कारों के लिए केवल 'कार्य' अनिवार्य नहीं है, बल्कि 'व्यक्ति' का बेदाग होना भी आवश्यक है। नीतिगत दृष्टि से यह सुनिश्चित किया गया है कि राज्य द्वारा सम्मानित व्यक्ति समाज के लिए एक आदर्श चरित्र हो। इसके लिए पात्रता की शर्तें अत्यंत स्पष्ट हैं:
- मूल निवास: आवेदक का संबंधित जिले का 'मूल निवासी' होना अनिवार्य है (संस्था के मामले में राजस्थान में पंजीकृत होना आवश्यक है)।
- प्रमाणीकरण: सामाजिक सेवा और महिला पुरस्कार श्रेणी के लिए उप खण्ड मजिस्ट्रेट (SDM) द्वारा जारी उत्तम चरित्र एवं प्रतिष्ठा का प्रमाण-पत्र आवश्यक है।
यह अनिवार्यता दर्शाती है कि सरकारी पुरस्कारों में व्यक्तिगत निष्ठा और सामाजिक छवि को कितना उच्च स्थान दिया गया है।
3. न्याय पुरस्कार: 10 वर्षों का कानूनी संघर्ष और नीतिगत प्रभाव
'जिला स्तरीय अंबेडकर न्याय पुरस्कार' की शर्तें इसे सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित श्रेणी बनाती हैं। यह केवल वकालत करने के लिए नहीं, बल्कि कानून को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाने के लिए दिया जाता है। इसके कड़े मापदंड इस प्रकार हैं:
- दीर्घ अनुभव: अधिवक्ता के रूप में कम से कम 10 वर्ष का निरंतर पंजीकरण और अनुभव।
- निःशुल्क पैरवी: SC/ST वर्ग के व्यक्तियों के लिए अधीनस्थ जिला न्यायालयों में निःशुल्क या न्यूनतम शुल्क पर कानूनी सहायता।
- उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण: इस श्रेणी के लिए आवेदक को जिला कलेक्टर तथा जिला सेशन न्यायाधीश—इन दोनों अधिकारियों से अलग-अलग (पृथक-पृथक) चरित्र एवं प्रतिष्ठा प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।
- परिणाम आधारित मूल्यांकन: आवेदक को केवल केस लड़ने का विवरण नहीं, बल्कि उन निर्णयों से हुए प्रभाव का भी ब्यौरा देना होगा। साथ ही, प्रचलित कानूनों में संशोधन करवाने या नए नियम/अधिनियम बनवाने में उनकी भूमिका का साक्ष्य देना होगा।
4. महिलाओं और SC/ST उत्थान पर विशेष केंद्रित
ये पुरस्कार केवल सांकेतिक नहीं हैं, बल्कि निरंतरता की मांग करते हैं। सामाजिक सेवा, महिला कल्याण और न्याय—तीनों ही श्रेणियों का केंद्र बिंदु अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का उत्थान है। नीतिगत अनिवार्यताओं को निम्न बुलेट पॉइंट्स में समझा जा सकता है:
- 5 वर्ष की निरंतरता: व्यक्ति या संस्था को कम से कम 5 वर्ष से पंजीकृत होकर इस क्षेत्र में निरंतर कार्यरत होना चाहिए।
- सरकारी योजनाओं का सेतु: भारत सरकार और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लक्षित वर्ग (Target Group) तक पहुँचाने में आपकी उल्लेखनीय भूमिका होनी चाहिए।
- स्वावलंबन: समाज से आर्थिक सहायता लेकर या स्वयं के निजी स्रोतों से वंचित वर्ग के लिए किए गए मौलिक कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है।
5. सख्त समय सीमा और आवेदन की प्रक्रिया
प्रशासनिक पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए विभाग ने आवेदन की प्रक्रिया को बहुत स्पष्ट रखा है। यदि आप या आपकी संस्था इन मानकों पर खरी उतरती है, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- अंतिम तिथि: आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 05.04.2026 निर्धारित की गई है। इसके पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- आवेदन का तरीका: आवेदन निर्धारित प्रपत्र में संबंधित जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से या 'डाक द्वारा' भेजे जा सकते हैं।
- प्रामाणिकता: विस्तृत जानकारी, पात्रता शर्तें और आवेदन पत्र विभागीय वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in से प्राप्त किए जा सकते हैं।
- एकल अवसर: यदि किसी व्यक्ति या संस्था को पूर्व के वर्षों में यह पुरस्कार मिल चुका है, तो वे पुन: आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
निष्कर्ष: एक विचारोत्तेजक समापन
राजस्थान जिला स्तरीय अंबेडकर पुरस्कार 2026 की ये शर्तें यह सिद्ध करती हैं कि यह सम्मान केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए वास्तविक और दीर्घकालिक संघर्ष का एक दस्तावेजी प्रमाण है। चरित्र प्रमाण-पत्र की कड़ाई और नकद राशि का अभाव इस पुरस्कार को 'परोपकार' के शुद्धतम रूप में बदल देता है।
एक समाज के रूप में हमारे लिए यह सोचने का विषय है: "क्या आपको लगता है कि बिना नकद राशि के केवल सम्मान, जमीनी स्तर पर काम करने वाले समाजसेविओं के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन है?" क्या सम्मान की यह परंपरा भौतिक पुरस्कारों की तुलना में अधिक गरिमापूर्ण है? अपनी राय अवश्य साझा करें।
- निवास/पंजीकरण: व्यक्ति संबंधित जिले का मूल निवासी हो या संस्था राजस्थान में पंजीकृत हो।
- चरित्र प्रमाण-पत्र: उप खंड मजिस्ट्रेट द्वारा जारी उत्तम चरित्र एवं प्रतिष्ठा का प्रमाण-पत्र होना आवश्यक है।
- अनुभव: संस्था या व्यक्ति कम से कम 5 वर्ष से पंजीकृत होकर अनुसूचित जातियों (SC) और जनजातियों (ST) की सामाजिक सेवा में कार्यरत होना चाहिए।
- योगदान: भारत सरकार या राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक पहुँचाने में उल्लेखनीय भूमिका रही हो।
- कार्य का आधार: समाज से आर्थिक सहायता लेकर या स्वयं के स्रोतों से वंचित वर्ग के लिए कार्य किया गया हो।
- निवास/पंजीकरण: महिला संबंधित जिले की मूल निवासी हो या संस्था राजस्थान में पंजीकृत हो।
- चरित्र प्रमाण-पत्र: इसके लिए भी उप खंड मजिस्ट्रेट से उत्तम चरित्र का प्रमाण-पत्र अनिवार्य है।
- अनुभव: संस्था या महिला कम से कम 5 वर्ष से SC/ST वर्ग की महिलाओं के उत्थान के लिए कार्यरत हो।
- योगदान: महिला उत्थान की सरकारी योजनाओं को लक्षित वर्ग तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा हो।
- कार्य का आधार: वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए सामाजिक या व्यक्तिगत संसाधनों से कार्य किया गया हो।
- निवास: अधिवक्ता का संबंधित जिले का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
- प्रमाण-पत्र: जिला कलेक्टर और जिला सेशन न्यायाधीश द्वारा अलग-अलग जारी किए गए उत्तम चरित्र एवं प्रतिष्ठा के प्रमाण-पत्र होने चाहिए।
- अनुभव और सेवा: अधिवक्ता के रूप में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव हो और SC/ST वर्ग के लोगों के लिए जिला न्यायालय में नि:शुल्क या न्यूनतम शुल्क पर पैरवी की गई हो।
- न्यायिक विवरण: ऐसे मामलों का निर्णयों सहित विवरण और उन निर्णयों से समाज पर हुए प्रभाव की जानकारी देना आवश्यक है।
- विधायी योगदान: SC/ST वर्ग के लोगों और राजकीय सेवाओं के कर्मियों के लिए प्रचलित नियमों में संशोधन करवाने या नए नियम बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही हो।
- आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 अप्रैल, 2026 है।
- आवेदन संबंधित जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय में जमा कराए जा सकते हैं।
- जो संस्थाएँ या व्यक्ति पिछले वर्षों में पुरस्कृत हो चुके हैं, वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।
- निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र: आवेदन विभाग की वेबसाइट (sje.rajasthan.gov.in) से या संबंधित जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
- निवास या पंजीकरण का प्रमाण: व्यक्ति के लिए संबंधित जिले का मूल निवासी प्रमाण पत्र और संस्था के लिए राजस्थान में पंजीकरण का प्रमाण पत्र आवश्यक है।
- चरित्र एवं प्रतिष्ठा प्रमाण-पत्र:
- सामाजिक सेवा और महिला पुरस्कार के लिए उप खंड मजिस्ट्रेट (SDM) द्वारा जारी प्रमाण-पत्र।
- न्याय पुरस्कार के लिए जिला कलेक्टर और जिला सेशन न्यायाधीश द्वारा अलग-अलग जारी किए गए प्रमाण-पत्र।
- अनुभव और कार्य का प्रमाण:
- सामाजिक सेवा और महिला पुरस्कार के लिए कम से कम 5 वर्ष के अनुभव या पंजीकरण का प्रमाण।
- न्याय पुरस्कार के लिए अधिवक्ता के रूप में कम से कम 10 वर्ष के पंजीकरण का प्रमाण।
- न्याय पुरस्कार के लिए विशेष दस्तावेज:
- अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों के लिए जिला न्यायालय में की गई पैरवी के मामलों का निर्णयों सहित विवरण।
- इन निर्णयों से समाज पर पड़े सकारात्मक प्रभाव का विवरण।
- योगदान के साक्ष्य: सरकारी योजनाओं के लाभ को लक्षित वर्ग तक पहुँचाने या नियमों/अधिनियमों में संशोधन/निर्माण में आपकी भूमिका को दर्शाने वाले सहायक दस्तावेज।
रणनीतिक आउटरीच योजना: जिला स्तरीय
अंबेडकर पुरस्कार (2026) हेतु पंजीकरण एवं
जागरूकता
1. प्रस्तावना और रणनीतिक महत्व (Introduction and Strategic Importance)
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार का मूल अधिदेश (Mandate) न केवल वंचित वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करना है, बल्कि उन समर्पित प्रयासों को संस्थागत मान्यता देना भी है जो सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारते हैं। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (क्रमांक: एफ.1(8)(01525)/1525, दिनांक: 13.03.2026) के माध्यम से डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती (14 अप्रैल, 2026) के अवसर पर जिला स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा की गई है। एक 'वरिष्ठ नीति सलाहकार' के दृष्टिकोण से, ये पुरस्कार केवल औपचारिक सम्मान नहीं हैं, बल्कि यह राज्य द्वारा अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के उत्थान में संलग्न जमीनी नायकों (Grassroots Heroes) को चिन्हित करने का एक रणनीतिक प्रयास है।
इन पुरस्कारों के माध्यम से दी जाने वाली राजकीय मान्यता सामाजिक कार्यकर्ताओं और विधिक विशेषज्ञों के मनोबल को ऊँचा करती है, जिससे भविष्य के नीतिगत सुधारों के लिए एक सकारात्मक 'फीडबैक लूप' तैयार होता है। जब शासन उत्कृष्ट कार्यों को पुरस्कृत करता है, तो यह 'परिणाम-आधारित शासन' (Outcome-based Governance) के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है। आगामी खंड इन पुरस्कारों की विशिष्ट श्रेणियों, पात्रता की सूक्ष्मताओं और उनके रणनीतिक निहितार्थों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
2. पुरस्कार श्रेणियों और पात्रता का गहन विश्लेषण (Detailed Analysis of Award Categories and Eligibility)
जिला स्तरीय अंबेडकर पुरस्कारों को तीन विशिष्ट श्रेणियों में संहिताबद्ध किया गया है, जो सामाजिक सेवा, महिला उत्थान और विधिक न्याय के व्यापक फलक को कवर करते हैं। पात्रता मानदंडों का निर्धारण अत्यंत वैज्ञानिक ढंग से किया गया है ताकि चयन प्रक्रिया की शुचिता और उत्कृष्टता बनी रहे।
पुरस्कार पात्रता एवं मानदंड: तुलनात्मक विश्लेषण (Table)
पुरस्कार का नाम | लक्षित समूह (पात्रता) | न्यूनतम अनुभव | विशिष्ट उपलब्धियां / मूल्यांकन के बिंदु |
जिला स्तरीय अंबेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार | व्यक्ति (संबंधित जिले का मूल निवासी) या राजस्थान में पंजीकृत संस्था | 05 वर्ष (SC/ST उत्थान हेतु) | सरकारी योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक पहुँचाना; आर्थिक सहायता या स्वयं के स्रोतों से वंचित वर्ग की सेवा। |
जिला स्तरीय अंबेडकर महिला पुरस्कार | महिला (संबंधित जिले की निवासी) या राजस्थान में पंजीकृत संस्था | 05 वर्ष (SC/ST महिला कल्याण हेतु) | महिलाओं के सामाजिक/आर्थिक उत्थान हेतु उल्लेखनीय योगदान; कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन। |
जिला स्तरीय अंबेडकर न्याय पुरस्कार | केवल पंजीकृत अधिवक्ता (Advocate) | 10 वर्ष (वकालत क्षेत्र में) | अधीनस्थ जिला न्यायालयों में SC/ST हेतु निःशुल्क/न्यूनतम शुल्क पर पैरवी; निर्णयों का विवरण एवं उनसे हुए प्रभाव का विश्लेषण; SC/ST सदस्यों एवं राजकीय सेवाओं के कार्मिकों हेतु नियमों/अधिनियमों में संशोधन/निर्माण में भूमिका। |
रणनीतिक विश्लेषण (So-What? Analysis): इन मानदंडों में "चरित्र एवं प्रतिष्ठा प्रमाण-पत्र" की अनिवार्यता (सामाजिक/महिला श्रेणी हेतु SDM द्वारा और न्याय श्रेणी हेतु जिला कलेक्टर एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा) यह सुनिश्चित करती है कि राज्य की मान्यता केवल बेदाग छवि वाले व्यक्तित्वों को मिले। विशेष रूप से, 'न्याय पुरस्कार' के लिए 10 वर्ष और सामाजिक सेवा के लिए 5 वर्ष का "अनुभव अवरोध" (Tenure Barrier) एक रणनीतिक फिल्टर है। यह 'पुरस्कार-प्राप्ति की होड़' (Award-hopping) को रोकता है और केवल उन्हीं को सम्मानित करता है जिन्होंने एक दशक या दीर्घकाल तक निरंतर प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। न्याय पुरस्कार में "राजकीय सेवाओं के कार्मिकों" के हितों को जोड़ना यह दर्शाता है कि विभाग प्रशासनिक न्याय और सेवा नियमों में सुधार को भी सामाजिक न्याय का अभिन्न अंग मानता है।
3. लक्षित आउटरीच एवं हितधारक जुड़ाव (Targeted Outreach and Stakeholder Engagement)
राजस्थान की विशिष्ट भौगोलिक एवं जनसांख्यिकीय चुनौतियों को देखते हुए, सूचना का केवल प्रसार (Dissemination) पर्याप्त नहीं है; इसके लिए एक 'सक्रिय खोज' (Active Sourcing) मॉडल की आवश्यकता है।
आउटरीच के रणनीतिक स्तंभ:
- कानूनी समुदाय एवं अधीनस्थ न्यायालय (Legal Community): चूंकि न्याय पुरस्कार के लिए अधीनस्थ जिला न्यायालयों में 10 वर्षीय अनुभव और निर्णयों के प्रभाव का विश्लेषण आवश्यक है, अतः जिला बार एसोसिएशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के माध्यम से योग्य अधिवक्ताओं को चिन्हित किया जाएगा।
- नागरिक समाज और स्वयंसेवी संगठन: SC/ST बाहुल्य क्षेत्रों में कार्यरत पंजीकृत NGOs और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सक्रिय किया जाना चाहिए।
- विभागीय नेटवर्क एवं मॉनिटरिंग कमेटियां: जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय की 'जिला स्तरीय निगरानी समितियों' (District-level Monitoring Committees) को इस आउटरीच का प्राथमिक वाहक बनाया जाएगा। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय उन 'अनसंग हीरोज' की मैपिंग करेंगी जो विज्ञापन की पहुँच से दूर रहकर कार्य कर रहे हैं।
सक्रिय खोज मॉडल का महत्व: निष्क्रिय विज्ञापन के बजाय सक्रिय सोर्सिंग यह सुनिश्चित करती है कि चयन प्रक्रिया में 'एलीट कैप्चर' न हो और वास्तविक जमीनी कार्यकर्ताओं तक राज्य की पहुँच सुनिश्चित हो। यह मॉडल विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और समावेशिता को बढ़ावा देता है।
4. परिचालन रोडमैप और आवेदन प्रक्रिया (Operational Roadmap and Application Process)
पुरस्कार प्रक्रिया की विश्वसनीयता उसकी समयबद्धता और दस्तावेजी शुद्धता पर टिकी है। आवेदकों को अधिसूचना के अनुरूप एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
चरण-दर-चरण आवेदन चेकलिस्ट:
- डिजिटल एक्सेस एवं फॉर्म प्राप्ति: आवेदक विभागीय वेबसाइट https://sje.rajasthan.gov.in से निर्धारित आवेदन प्रारूप डाउनलोड कर सकते हैं या संबंधित जिला कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
- दस्तावेजीकरण (Essential Documentation):
- संबंधित जिले का मूल निवास प्रमाण-पत्र (व्यक्ति हेतु) या संस्था का राजस्थान में पंजीकरण प्रमाण।
- न्याय पुरस्कार हेतु अनिवार्य: जिला कलेक्टर तथा जिला सेशन न्यायाधीश द्वारा जारी दो पृथक-पृथक (Separate) उत्तम चरित्र एवं प्रतिष्ठा प्रमाण-पत्र।
- सामाजिक/महिला श्रेणी हेतु उप खण्ड मजिस्ट्रेट (SDM) का प्रमाण-पत्र।
- विशिष्ट कार्यों का साक्ष्य (जैसे वकालत में निर्णयों का प्रभाव विश्लेषण, सेवा प्रमाण-पत्र आदि)।
- समय-सीमा और स्थान: पूर्णतः भरा हुआ आवेदन पत्र दिनांक 05.04.2026 तक संबंधित जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से या डाक द्वारा जमा करना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण प्रतिबंध एवं स्पष्टीकरण (Exclusions):
- पूर्व विजेता: गत वर्षों में पुरस्कृत संस्थाएं या व्यक्ति पुनः आवेदन हेतु पात्र नहीं होंगे।
- पुरस्कार स्वरूप: अधिसूचना के अनुसार, इस पुरस्कार के अंतर्गत केवल प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा; नकद राशि नहीं दी जायेगी।
- विलंब: निर्धारित समय सीमा के पश्चात प्राप्त आवेदनों को स्वतः ही निरस्त माना जाएगा।
5. प्रभाव मूल्यांकन और निष्कर्ष (Impact Evaluation and Conclusion)
यह रणनीतिक आउटरीच योजना केवल एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि राजस्थान में सामाजिक न्याय के 'पारिस्थितिकी तंत्र' (Ecosystem) को सुदृढ़ करने का एक उपकरण है। इन पुरस्कारों के माध्यम से चयनित रोल मॉडल्स समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करते हैं, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर के समानता और बंधुत्व के आदर्शों को धरातल पर जीवंत करता है।
दीर्घकालिक दृष्टि से, 'सक्रिय खोज' मॉडल के माध्यम से प्राप्त आवेदन विभाग के लिए एक बहुमूल्य डेटाबेस का कार्य करते हैं, जिससे भविष्य में नीतिगत नवाचारों हेतु ग्रासरूट स्तर की समस्याओं और उनके समाधानों का पता चलता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रत्येक जिले में सशक्तिकरण की एक ऐसी लहर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी महसूस कर सके कि उसकी सेवा और संघर्ष को राज्य का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है।
- समारोह की तिथि: यह पुरस्कार समारोह 14 अप्रैल, 2026 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
- समारोह का स्थान: चूंकि ये जिला स्तरीय पुरस्कार हैं, इसलिए इनका आयोजन संबंधित जिलों में किया जाएगा।
- मुख्य कार्यालय पता: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जी-3/1 अम्बेडकर भवन, राजमहल पैलेस के पास, जयपुर।
- आधिकारिक वेबसाइट: आप विभाग की वेबसाइट https://sje.rajasthan.gov.in पर जाकर संपर्क अनुभाग में अपने जिले के कार्यालय का फोन नंबर और पता प्राप्त कर सकते हैं।
- जिला स्तर पर संपर्क: चूंकि ये जिला स्तरीय पुरस्कार हैं, इसलिए आप अधिक जानकारी के लिए सीधे अपने जिले के जिलाधिकारी (District Collector) या सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।


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